दस साल बाद: इलोर अज़ारिया प्रकरण ने इसराइल में सेना और राजनीति के रिश्ते कैसे बदले
עשר שנים לפרשת אלאור אזריה: כך שינתה השערורייה את היחסים שבין הפוליטיקה לצבא בישראל
सारांश
दस साल पहले हेब्रोन में इलोर अज़ारिया नामक इसराइली सैनिक ने एक काबू में आए फ़लस्तीनी हमलावर को गोली मारकर हत्या कर दी थी, जिसने इसराइली समाज को दो धड़ों में बांट दिया था। Ynet अब उस प्रकरण के प्रमुख पात्रों के पास लौटा है और यह जांचता है कि इस मामले ने सेना और राजनीति के रिश्तों को किस तरह स्थायी रूप से बदल दिया। यहां तक कि तत्कालीन प्रधानमंत्री ने भी इस मामले में अपना रुख बदल लिया था, जो इसराइली राजनीतिक परिदृश्य में एक अभूतपूर्व क्षण था।
पूर्वावलोकन
</div>כדור בראש של מחבל שרוע על האדמה בחברון פתח מחול שדים חסר תקדים. החייל היורה, אלאור אזריה, הפך בזמן אמת לסמל שקרע את המדינה בין תומכיו לבין מתנגדיו (ואלו, כמו ראש הממשלה למשל, ששינו את דעתם תוך כדי). עשר שנים אחרי הפרשה, רענן שקד חזר לאנשים שהיו בלב הסערה ולנקודה שממנה הצבא, הפוליטיקה והמפגש ביניהם כבר לא נראו אותו דברसंबंधित समाचार
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