बिजली के झटके, 18 घंटे मजदूरी: म्यांमार में 25 भारतीयों को साइबर अपराध में धकेला गया

Electric Shocks, 18-Hour Labour: 25 Indians Forced Into Cybercrime In Myanmar

1 जुल॰ 2026, 03:41 pm en स्रोत ↗

सारांश

पीड़ितों के परिवारों के अनुसार, कम से कम 25 भारतीयों को म्यांमार में साइबर अपराध गतिविधियों में जबरन शामिल किया गया, जहां उन्हें बिजली के झटके और 18 घंटे तक काम करने के लिए मजबूर किया गया। बंधकों में से एक, नासिक निवासी कौस्तुभ शेजवाल, अप्रैल से बंधक है, और उसका परिवार उसकी रिहाई के लिए संघर्ष कर रहा है।

पूर्वावलोकन

Kaustubh Shejwal, a 30-year-old resident of Mangalmurti Nagar in the suburbs of Nashik, has been held captive in Myanmar since April. His family is now running from pillar to post to secure the release of the captives.